Friday, December 18, 2020

60. चाहे जैसे मुझे रख लो कुछ ना कहूँगा मैं

 

भजन -60

 

चाहे जैसे मुझे रख लो कुछ ना कहूँगा मैं

तेरा ही था तेरा ही हूँ तेरा रहूँगा मैं

चाहे जैसे मुझे रख लो...

 

1.  तुम्हारे नाम का का मोती मेरी दौलत है

    ये रुतबा और ये शोहरत भी तेरी बदौलत है

    तू है सागर मैं हूँ कतरा तुझ संग बहूँगा मैं चाहे जैसे..............

 

2.  मेरा मन अब नही लगता है जग की बातों में

    अपनी उंगली थमा दी मैंने तेरे हाथों में

    जिस तरफ ले चलो मुझको वही चलूँगा मैं चाहे जैसे..............

 

3.  गम की रातें लगें कि जैसे सुख का सवेरा है

    बस तू एक बार कह दे कि हाँ तू मेरा है

    फिर तो हर एक सितम हँस कर ही सहूँगा मैं चाहे जैसे..............

 

4.  जिसकी अटकी है जान तुझमें मैं वो परिंदा हूँ

    तू मेरे साथ है इस आस पे मैं तो जिंदा हूँ

    हमारी आस जो टूटी तो जी ना सकूँगा मैं चाहे जैसे..............

 

 

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