भजन
-63
जे इक तेरा
प्यार, ओ दिलदार, सांवल यार, मैनू मिल जावे,
मैं
दुनिया तो होर की लैना ।
1.
सारे छड के सहारे, तेरा दर लेआ मल्ल ।
तेरा
बिना ना गुजारा, मेरी
सच्ची सुन गल ॥
जे
तेरा तेरा दरबार, सावल
यार, मैनू मिल
जावे,
मैं
दुनिया तो होर की लैना ॥
2. तेरे चाँद
जेहे मुखड़े तो वारि वारि जावां ।
तेरे
चरणा च सर रख मैं मर जावां ॥
जे
तेरा दीदार, सच्ची सरकार, मैनू मिल जावे,
मैं
दुनिया तो होर की लैना ॥
3. मेरी अंत समय
विच फड लेवीं बाह ।
देवीं
वृन्दावन विच थोड़ी जेहि थां ॥
श्री
यमुना दी धार, ओ दिलदार, मैनू मिल जाए,
मैं
दुनिया तो होर की लैना ॥