भजन
-62
मैंने सारे
सहारे छोड़ दिए, बस
तेरा सहारा काफी है,
मुझे
चाह नहीं दुनिया भर की, बस
तेरा नजारा काफी है,
1. तेरी चाहत
में जग छूट गया, पर
तू मुझसे क्यों रूठ गया,
मैं
डूब रहा भव सागर में, मैं
डूब रहा भव सागर में,
बस
आना तुम्हारा बाकी है, मैने
सारे..............
2. मैंने जबसे
तुम्हारा नाम लिया, इस
जग ने बहुत इल्जाम दिया,
जब
तूने मुझे यूँ थाम लिया, जब
तूने मुझे यूँ थाम लिया,
बस
मेरा गुजारा काफी है, मैने
सारे..............
3. मैंने तेरे
लिए ही जोग लिया, और
छोड़ जगत का भोग दिया,
रो
रो के बुलाना काम मेरा, रो
रो के बुलाना काम मेरा,
बस
आना तुम्हारा बाकी है, मैने
सारे..............
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